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गोरखपुर से लखनऊ तक अलर्ट: बर्ड फ्लू से बाघिन की मौत ने बढ़ाई चिंता

गोरखपुर से लखनऊ तक अलर्ट

गोरखपुर से लखनऊ तक अलर्ट: राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान, भोपाल द्वारा बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हालात को गंभीरता से लेते हुए आरएमआरसी की टीम ने गोरखपुर चिड़ियाघर में पहुंचकर 105 कर्मचारियों के सैंपल एकत्र किए। संक्रमण की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए चिड़ियाघर को 20 मई तक अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है।

गोरखपुर से लखनऊ तक अलर्ट

गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में बाघिन ‘शक्ति’ की बर्ड फ्लू से हुई मौत ने वन विभाग और स्वास्थ्य अधिकारियों को गंभीर सतर्कता में डाल दिया है। भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान (NIHSAD) की रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि होते ही आरएमआरसी (रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर) की टीम ने 105 कर्मचारियों के नमूने लेकर जांच शुरू कर दी है। संक्रमण की रोकथाम के उद्देश्य से चिड़ियाघर को 20 मई तक के लिए बंद कर दिया गया है और पूरे परिसर को सैनिटाइज किया गया है।

पटौदी शेर की हालत गंभीर, कानपुर और लखनऊ में भी एहतियात

इस बीच, बीमार शेर ‘पटौदी’ को इलाज के लिए गोरखपुर से कानपुर चिड़ियाघर लाया गया है। बर्ड फ्लू के फैलाव की आशंका को देखते हुए कानपुर जू को भी 19 मई तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। लखनऊ चिड़ियाघर, जहां 998 वन्य जीव हैं, को एक सप्ताह के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन बंदियों का उद्देश्य वायरस को फैलने से रोकना है।

बाघिन शक्ति की मौत की कहानी

मैलानी रेंज से लाई गई करीब 10 माह की बाघिन शक्ति पहले घायल पाई गई थी। इलाज के बाद उसे पहले रेस्क्यू सेंटर और फिर बाड़े में शिफ्ट किया गया था। लेकिन स्वास्थ्य में गिरावट के कारण उसे फिर से रेस्क्यू सेंटर में भर्ती किया गया। 6 मई से उसने खाना-पीना छोड़ दिया और 7 मई को उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में मल्टी ऑर्गन फेल्योर सामने आया, पर असली कारण जानने के लिए सैंपल भोपाल भेजे गए थे, जहां बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई।

लगातार मौतें और चिंता का माहौल

चिड़ियाघर में हाल ही में चार जानवरों की मौत ने चिंता और भी बढ़ा दी है:

  • बाघ केसरी: 30 मार्च को दम तोड़ा, पीलीभीत से लाया गया था।
  • बाघिन शक्ति: 7 मई को मृत्यु, मैलानी रेंज से लाई गई थी।
  • भेड़िया भैरवी: 9 मई को मौत, बहराइच से रेस्क्यू किया गया था।
  • तेंदुआ मोना: 10 मई को मृत पाई गई, कैंसर से पीड़ित थी।

संक्रमण पर रोक के लिए खास इंतज़ाम

पटौदी के पिंजड़े और आसपास के क्षेत्रों को पूरी तरह सैनिटाइज किया गया है। पानी की धुलाई कर उसे अलग टैंक में स्टोर कर कीटाणुनाशक से उपचारित किया गया। शेर को विटामिन्स और अन्य पोषक तत्व ड्रिप के माध्यम से दिए जा रहे हैं। आईवीआरआई बरेली की रिपोर्ट में उसके लिवर, पैंक्रियाज और बैक्टीरियल संक्रमण की बात सामने आई है। फिलहाल ब्लड इंफेक्शन की रिपोर्ट का इंतजार है।

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निष्कर्ष

गोरखपुर से लखनऊ तक अलर्ट: गोरखपुर चिड़ियाघर में बाघिन की बर्ड फ्लू से मौत के बाद गोरखपुर, कानपुर और लखनऊ के चिड़ियाघरों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। कर्मचारियों के सैंपल लेकर जांच शुरू हो चुकी है, और वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सभी सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं। लगातार हो रही जानवरों की मौत ने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

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