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अनंत अंबानी का वंतारा: जामनगर में बना दुनिया का सबसे बड़ा निजी वन्यजीव संरक्षण केंद्र

वंतारा

वंतारा: अनंत अंबानी, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मुकेश अंबानी और नीता अंबानी के छोटे पुत्र, ने जामनगर (गुजरात) में एक अनोखा और विशाल वन्यजीव आश्रय स्थल विकसित किया है — जिसका नाम है वंतारा, जिसका अर्थ है “वन का रक्षक”।

यह केंद्र लगभग 3,000 एकड़ में फैला हुआ है और इसे दुनिया का सबसे बड़ा निजी पशु बचाव और पुनर्वास केंद्र माना जाता है।

एक सच्चे जुनून से जन्मा मिशन

कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई इस पहल के पीछे अनंत अंबानी का जीवनभर का सपना था — उन जानवरों को एक नया जीवन देना जो घायल, शोषित या लुप्तप्राय हैं।

वंतारा में रहने वाले जानवर

वंतारा में 43 से अधिक प्रजातियों के हज़ारों जानवर और पक्षी रहते हैं। यहाँ के प्रमुख जानवरों में शामिल हैं:

  • 200+ हाथी
  • शेर
  • तेंदुए
  • हिरण
  • कछुए
  • घोड़े
  • और सैकड़ों दुर्लभ और विदेशी प्रजातियाँ

इन जानवरों को भारत, अफ्रीका, थाईलैंड और अमेरिका जैसे देशों से बचाया गया है और वंतारा में लाकर उनकी देखभाल की जाती है।

विशेषज्ञों की टीम द्वारा उपचार और पुनर्वास

यहाँ करीब 2,100 से अधिक कर्मचारी, जिनमें अनुभवी पशु चिकित्सक, देखभालकर्ता और सहायक स्टाफ शामिल हैं, दिन-रात जानवरों की सेवा में लगे रहते हैं। प्रत्येक जानवर को सुरक्षित, स्वाभाविक और अनुकूल वातावरण में धीरे-धीरे पुनर्वासित किया जाता है।

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हर साल करोड़ों रुपये का खर्च

अनंत अंबानी इस परियोजना पर हर साल बड़ी मात्रा में धनराशि खर्च करते हैं। इस खर्च में चिकित्सा सुविधाएं, विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए निवास स्थान, विदेशी जानवरों का परिवहन और देखभाल की अत्याधुनिक व्यवस्थाएं शामिल हैं।

वंतारा को क्या बनाता है विशेष?

  • दुनिया का सबसे बड़ा निजी वन्यजीव केंद्र
  • घायल और संकटग्रस्त जानवरों का राहत और पुनर्वास केंद्र
  • हरित क्षेत्र में स्थित पर्यावरण-अनुकूल संरचना
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जानवरों को बचाने की मुहिम

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निष्कर्ष

वंतारा केवल एक पशु आश्रय स्थल नहीं है, बल्कि यह उन जानवरों के लिए नई जिंदगी की किरण है, जो अत्याचार, दुर्घटनाओं या प्राकृतिक आपदाओं का शिकार हुए हैं। अनंत अंबानी की यह पहल दिखाती है कि निजी क्षेत्र भी वन्यजीव संरक्षण में दुनिया भर में प्रभावशाली योगदान दे सकता है।

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