Prime Minister Narendr Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 मार्च को अपने गुजरात दौरे के दौरान ‘प्रोजेक्ट लायन’ की घोषणा कर सकते हैं। यह 29,000 करोड़ रुपये की एक बड़ी पहल है, जिसका उद्देश्य शेरों के संरक्षण, आवास संवर्धन और रोग प्रबंधन को मजबूत करना है।
Prime Minister Narendr Modi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 मार्च को अपने गुजरात दौरे के दौरान ‘प्रोजेक्ट लायन’ की घोषणा कर सकते है

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना पर राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की बैठक में चर्चा होगी, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री स्वयं करेंगे। विश्व वन्यजीव दिवस (3 मार्च) के अवसर पर इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की जा सकती है। 2025 के इस दिवस की थीम ‘वन्यजीव संरक्षण वित्त: लोगों और ग्रह में निवेश’ रखी गई है।

अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना को प्राथमिक स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि अंतिम मंजूरी प्रक्रियाधीन है। परियोजना के तहत गुजरात के सासन सासण गीर में एक उन्नत पशु चिकित्सालय, बचाव केंद्र, ड्रोन निगरानी, 100 ट्रैकर्स, 33 त्वरित प्रतिक्रिया टीमें और वन क्षेत्र में सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था होगी।

गुजरात वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह पहल शेरों, तेंदुओं और अन्य वन्यजीवों के समग्र रोग प्रबंधन पर केंद्रित है। इसमें राष्ट्रीय रोग निदान केंद्र की स्थापना भी शामिल है, ताकि भविष्य में 2018 जैसी महामारियों को रोका जा सके, जिसमें 27 शेरों की मृत्यु हो गई थी।
परियोजना के तहत गिर अभयारण्य के अलावा भावनगर, गिर, गिरनार, मिटियाला, जेसर-हिपावाड़ी, बाबरा विरडी , हिंगोलगढ़ और तटीय महुवा क्षेत्र में आठ नए उपग्रह आवास विकसित किए जाएंगे। वन्यजीवों के लिए संरक्षित क्षेत्रों में फलदार पेड़ों का रोपण किया जाएगा ताकि शेरों और अन्य वन्यजीवों को पर्याप्त भोजन और प्राकृतिक पर्यावास मिल सके।
प्रमुख विशेषताएँ:
- ड्रोन निगरानी और सीसीटीवी सुरक्षा
- राष्ट्रीय रोग केंद्र और समर्पित पशु एम्बुलेंस
- नए सफारी पार्क और वैकल्पिक आवास विकास
- 33 त्वरित प्रतिक्रिया टीमें
- जल स्रोतों की सुरक्षा और कृत्रिम तालाब निर्माण
- पोरबंदर के बरडा फॉरेस्ट को शेरों के लिए दूसरा निवास स्थान घोषित किया जाएगा
- जंगली कुत्तों और मवेशियों का नियमित टीकाकरण
इस पहल का लक्ष्य 2047 तक शेरों की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करना है। अधिकारी द्विवार्षिक वन्यजीव सर्वेक्षण और रिपोर्टिंग के माध्यम से परियोजना के प्रभाव की निगरानी करेंगे।
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